इन लोगों को सूर्यदेव को जल चढ़ाना जरूरी

These people need to offer water to Suryadev

बिच्छू डॉट कॉम।  रोज सुबह उगते सूर्य को जल चढ़ाने और पूजा करने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। कुछ लोगों की हमेशा शिकायत रहती है कि उनको किसी काम में सफलता नहीं मिल पा रही है, इस समस्या को दूर भागाने के लिए सूर्य देव को हर दिन जल चढ़ाना सबसे बेहतर विकल्प है। सूर्य को जल चढ़ाने से धर्म लाभ के साथ ही स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। तो आप भी जान लीजिए किन लोगों को सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए।

सूर्य को जल किसे चढ़ाना है जरूरी
जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर हो।
 जिनमें आत्म-विश्वास की कमी हो।
 जो भीड़ में घबराते हों।
 जो निराशावादी हों, जिन पर नकारात्मकता हावी रहती हो।
 जिन्हें हमेशा कोई अज्ञात भय सताता रहता है।
 जिन लोगों को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान चाहिए।

– सूर्यदेव को जल चढ़ाने के लिए रोज सुबह जल्दी बिस्तर छोड़ देना चाहिए। स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें। जल चढ़ाते समय दोनों हाथों से लोटे को पकड़कर रखना चाहिए।

– लोटे में जल के साथ ही लाल फूल, कुमकुम और चावल भी जरूर डालना चाहिए।

– सूर्य को अर्घ्य देते समय जल की गिरती धार से सूर्य की किरणों को जरूर देखना चाहिए।

– पूर्व दिशा की ओर ही मुख करके ही सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए।

– ध्यान रखें जल चढ़ाते समय जमीन पर गिरा हुआ आपके पैरों तक नहीं पहुंचना चाहिए। किसी ऐसी जगह से सूर्य को जल चढ़ाएं, जहां से सूर्य को अर्पित किया गया किसी के पैरों में न आए।

– जल चढ़ाते समय सूर्य मंत्र ‘ऊँ सूर्याय नम:’ का जाप करते रहना चाहिए।

– ज्योत‌िषशास्‍त्र में सूर्य को आत्मा का कारक बताया गया है इसलिए आत्म शुद्ध‌ि और आत्मबल बढ़ाने के लिए न‌ियम‌ित रूप से सूर्य को जल देना चाहिए ।

– सूर्य को न‌ियम‌ित जल देने से शरीर ऊर्जावान बनता है और कार्यक्षेत्र में इसका लाभ म‌िलता है ।

– अगर आपकी नौकरी में परेशानी हो रही है तो न‌ियम‌ित रूप से सूर्य को जल देने से उच्चाध‌िकारियों से सहयोग म‌िलने लगता है और मुश्क‌िलें दूर हो जाती हैं ।

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