मकान बनाने के लिए भूमि खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

Keep these things in mind when buying land to build a house

मकान के लिए भूमि आवश्यक होती है, एक अच्छा भवन तभी निर्मित हो सकता है जब उसके निर्माण के लिए अनुकूल भूमि उपलब्ध हो। वास्तु शास्त्र में भवन-निर्माण संबंधी सभी प्रकार के दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं।

वास्तु अनुसार निर्मित भवन निवास के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। इस प्रकार के मकान में रहने वालों को यथोचित सुख-समृद्धि व अनुकूलता प्राप्त होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार भूमि को चार प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है। 

  • ब्राह्मणी भूमि- यह भूमि श्वेत वर्णीय, कोमल, सुगंधित होती है। यह निवास के लिए सर्वश्रेष्ठ होती है।
  • क्षत्रिय भूमि- यह भूमि रक्त वर्णीय, कठोर, कसैले स्वाद वाली होती है। यह भी निवास के लिए श्रेष्ठ होती है।
  • वैश्य भूमि- यह भूमि हरित या पीत वर्णीय, ना अत्यधिक कठोर और ना अति-कोमल, शहद की गंध वाली, स्वाद में खटास लिए। यह धनदायक होती है सामान्यत: व्यापारिक प्रतिष्ठानों और कारखानों के अति श्रेष्ठ होती है।
  • शूद्रा भूमि- यह भूमि कृष्ण वर्णीय, अति कठोर, मदिरा के गंध वाली, स्वाद में कड़वी शूद्रा भूमि होती है। यह निवास के लिए वर्जित मानी गई है।  

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