पद्म पुराण: जीवन में तरक्की और सुख चाहते हैं तो इन आदतों से रहें दूर

Padma Purana: If you want progress and happiness in life, then stay away from these habits

बिच्छू डॉट कॉम। पद्म पुराण को हिंदू धर्म के अठारह महापुराणों में से एक माना जाता है। पद्मपुराण में व्यक्ति की ऐसी आदतों के बारे में बताया गया जिससे कोई भी मनुष्य अर्श से फर्श पर आ सकता है अर्थात ये आदतें व्यक्ति के जीवन में बर्बादी का कारण बन सकती हैं। जीवन में हमेशा तरक्की और सुख की इच्छा रखने वाले इस श्लोक में दी इन चार आदतों से बिल्कुल दूर ही रहना चाहिए।

श्लोक

न चात्मानं प्रशंसेद्वा परनिन्दां च वर्जयेत्।
वेदनिन्दां देवनिन्दां प्रयत्नेन विवर्जयेत्।।

भगवान की निंदा
कई लोग भगवान और धर्म में आस्था नहीं रखते।वे धर्म और शास्त्रों में विश्वास ना होने की वजह से अधर्मी और पापी होते है और अपनी बर्बादी का कारण खुद बनते है।

खुद की तारीफ़
खुद की तारीफ़ करने की आदत मनुष्य को घमंडी और मतलबी बना देती है। यह आदत किसी के भी जीवन को बर्बाद कर सकती है, इससे दूर रहने में ही भलाई है।

वेदों का अपमान
ग्रंथों-पुराणों को हिंदू धर्म में पूजनीय माना जाता हैं। कई लोग इनका अपमान करने से भी नहीं कतराते। यह आदत किसी भी मनुष्य के लिए बर्बादी का कारण बन सकती है।

दूसरों की निंदा
किसी की निंदा या अपमान करना, इन दोनों कामों को ही शास्त्रों ने बुराई माना है।  अगर सफलता चाहते हैं तो इन बातों से बचे।

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