इन उपायों से सास-बहू में बनेंगे मधुर संबंध

These measures will make a good relationship between mother-in-law

बिच्छू डॉट कॉम। आधुनिक परिवेश में यह देखने में आ रहा है कि नवयुवतियों उच्च शिक्षा पाने और अच्छा करियर बनाने की जद्दोजहद में घरेलु कार्यों में समय नहीं दे पाती। जिससे वह इन कार्यों में दक्ष और पूर्ण कुशल नहीं हो पाती। विवाह के बाद जब वह ससुराल पहुंचती है। तब परंपराओं में बंधी सास और नवविवाहिता के बीच विशेष रुप से रसोई घर के कार्यों को लेकर मतभेद शुरु होते हैं, जो आपसी समझबूझ और सामंजस्य से हल हो सकते हैं।

किंतु वास्तु शास्त्र के अनुसार सास और बहू के बीच रिश्तों के बिगडऩे और कटुता का कारण वैचारिक मतभेद ही नहीं होता, बल्कि इसका एक कारण रसोई में रसोई सामग्रियों की गलत स्थिति और दिशा होती है।

वास्तुशास्त्र में जल और अग्रि तत्व को एक-दूसरे का विरोधी माना गया है। क्योंकि जल का गुण होता है कि वह आग को बुझाता है। इस आधार पर रसोईघर में जल यानि मटका या जलपात्र और आग यानि गैस स्टोव्ह या चूल्हा एक-दूसरे के समीप या सामने नहीं रखना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो इसके कारण सास-बहू के बीच घरेलु कार्यों को लेकर जन्में मतभेद, भयंकर कटुता और अंत में अलगाव का कारण बन सकते हैं।

इसलिए ध्यान रहे कि मटका या जल पात्र और गैस स्टोव्ह एक-दूसरे से दूर रहें। वास्तु शास्त्र का यह छोटा और सरल उपाय घरों में कलह के अंत और शांति बनाए रखने में कारगर साबित हो सकता है।

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