इन नियमों को अपनाकर आप अपने बच्चों को बना सकते हैं कामयाब

By adopting these rules, you can make your children successful

बिच्छू डॉट कॉम। जीवन में सफलता हर कोई चाहता है कि उनका बच्चा जीवन में सफलता की सीढ़ियां चढ़ता ही जाए, लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी कसर रह ही जाती है काफी हद तक संभव है कि ऐसा वास्तुदोष के कारण हो रहा हो बच्चों की उन्नति के लिए उनका वास्तु अनुकूल ग्रह यानी कमरे में निवास करना आवश्यक है अपने घर के वास्तु में थोड़ा सुधार करके हम अपने बच्चों के भविष्य को पटरी पर ला सकते हैं इसके लिए पैरेंट्स को इन बातों का ध्यान जरूर रखना होगा।  जीवन में सफलता लाएंगे ये टिप्स….

  • बच्चों के कमरे में ऐसी व्यवस्था हो कि घर में होने वाला शोरगुल उन्हें बाधित न करे। अगर कमरे से अटैच टॉयलेट-बाथरूम हो तो यह पश्चिम या वायव्य दिशा में हो सकता है ।
  • बच्चे के कमरे का रंग उसके शुभ रंग के अनुसार ही होना चाहिए घर में बच्चों का कमरा पूर्व, उत्तर, पश्चिम या वायव्य में हो सकता है लेकिन दक्षिण, नैऋत्य या आग्नेय में बच्चों का कमरा नहीं होना चाहिए।
  • बच्चों की राशि ग्रह के मुताबिक ही उनके कमरे का तथा पर्दों का रंग होना चाहिए। इसके अलावा पर्दों का रंग दीवार के रंग से थोड़ा गहरा भी होना चाहिए।
  • यदि बच्चे एक से अधिक हों तो जो बच्चा बड़ा हो या महत्वपूर्ण विद्यार्जन कर रहा हो, उसके अनुसार दीवारों का रंग रखें।
  • बच्चों के पलंग को अधिक ऊंचा नहीं रखें, और वह इस तरह से रखा जाए कि बच्चों का सिरहाना पूर्व दिशा की ओर हो और पैर पश्चिम की ओर। बिस्तर के उत्तर दिशा की ओर टेबल एवं कुर्सी होनी चाहिए। पढ़ते समय बच्चे का मुंह पूर्व दिशा की ओर तथा पीठ पश्चिम दिशा की ओर होनी चाहिए ।
  • यदि बच्चे के कमरे में कंप्यूटर रखना हो तो पलंग से दक्षिण दिशा की ओर आग्नेय कोण में रखा जा सकता है।  नैऋत्य कोण में बच्चों की पुस्तकों की रैक तथा उनके कपड़ों वाली अलमारी रख सकते हैं। जबकि खिड़की, एसी तथा कूलर उत्तर दिशा की ओर।
  • बच्चों के कमरे में पर्याप्त रोशनी आनी चाहिए व्यवस्था ऐसी हो कि दिन में पढ़ते समय उन्हें कृत्रिम रोशनी की आवश्यकता ही न हो। जहां तक संभव हो सके, बच्चों के कमरे की उत्तर दिशा को बिलकुल खाली रखें।
  • हिंसात्मक, फूहड़ और भड़काऊ पेंटिंग्स बच्चों के कमरे में कभी नहीं होने चाहिए। महापुरुषों के चित्र, पालतू जानवरों के चित्र, प्राकृतिक सौंदर्य वाले चित्र या पेंटिंग्स बच्चों के कमरे में हो सकती हैं।
  • भगवान गणेश तथा सरस्वती जी का चित्र कमरे के पूर्वी भाग की ओर होना चाहिए। इन दोनों देवी-देवताओं को बुद्धिदाता माना जाता है अत: सौम्य मुद्रा में श्री गणेश तथा सरस्वती की पेंटिंग या चि‍त्र बच्चों के कमरे में अवश्य लगाएं।
  • करियर में उच्च सफलता प्राप्त व्यक्तियों के चित्र अथवा पेंटिंग्स भी आप अपने बच्चों के कमरे में लगा सकते हैं। यदि बच्चा छोटा हो, तो कार्टून आदि की पेंटिंग्स भी लगाई जा सकती है।

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