विधानसभा में हेराफेरी
महेश बागी / बिच्छू डॉट कॉम
भोपाल (डीएनएन)। शिवराज सरकार में अपराधों में कमी के बजाए और वृद्धि ही होती जा रही है। सरकार में बैठे गृहमंत्री इन अपराधिक आंकड़ों को जनप्रतिनिधि को बताने में हेराफेरी ही करते हैं। कांग्रेस विधायक पांची लाल मेड़ा ने जब भी विधानसभा में आंकड़े पूछे तो उन्हें सही आंकड़े नहीं मिल पाए हैं। एक सौ बीस दिन के आपराधिक आंकड़े दबाकर शायद विधानसभा को भूल-भूलैया में रखा गया। प्रदेश में ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब किसी शहर में कोई बलात्कार न हो। चोरी-लूट की घटना न हो अथवा अपहरण न हो। इन घटनाओं के आंकड़े राज्य के पुलिस मुख्यालय द्वारा अपडेट रखे जाते हैं।
जब भी विधानसभा सत्र होता है, प्रमुख विपक्षी दल कानून व्यवस्था को लेकर शिव राज सरकार को कटघरे में खड़ा करता है। कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा कानून व्यवस्था के मुद्दे पर शिवराज सरकार को सदन में घेरते रहे हैं। उनके प्रश्नों में आपराधिक घटनाओं के आंकड़े ही पूछे जाते रहे हैं।
पांचीलाल मेड़ा ने पिछले विधानसभा (बजट सत्र) सत्र में 9 मार्च 2010 को गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता से प्रश्न किया था कि 16 जून 2009 से 25 फरवरी 2010 की स्थिति में प्रदेश में कौन-कौन से अपराध कितनी कितनी संख्या में किस-किस जिले में पंजीबद्ध किए गए। इसके जवाब में (अतारांकित प्रश्न क्र. 840) में गृह मंत्री उमाशंकर ने 16 जून 2009 से 25 जून फरवरी 2010 की अवधि के आंकड़े देते हुए बताया कि प्रदेश में 1473 हत्या, 1413 हत्या के प्रयास, 88 डकैती, 103 डकैती के तैयारी, 1475 लूट, 1876 बलात्कार, 1765 बलवा, 15023 चोरी, 7055 नकबजनी, 718 अपहरण तथा 103030 अन्य भादवि की घटनाएं पंजीबद्ध की गई हैं। विधायक पांचीलाल मेड़ा ने 19 जुलाई 2010 (मानसून सत्र) में पुन: प्रदेश में घटित अपराधों के संबंध में प्रश्न किया। उन्होंने गृह मंत्री से जानना चाहा कि 15 फरवरी 2010 से 15 जून 2010 की स्थिति में प्रदेश में कौन-कौन से अपराध कितनी-कितनी संख्या में किस-किस जिले में पंजीबद्ध किए गए।
इस पर गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने श्री मेड़ा के अतारांकित प्रश्न क्र. 590 के जवाब में वही आकड़े दे दिए, जो कि उन्होंने 16 जून 2009 से 15 फरवरी 2010 की अवधि में दिए थे। अर्थात 120 दिन में (16 फरवरी से 15 जून) कितने अपराध किस-किस तरह के हुए जानकारी नहीं दी गई। हालांकि पांचीलाल मेड़ा ने 15 फरवरी 2010 से 15 जून 2010 (मात्र चार माह) के ही आंकड़े अपने प्रश्न में पूछे थे, फिर गृह मंत्री ने पुराने आंकड़े देकर केवल विधायक ही नहीं विधानसभा को भी गुमराह किया है।
भोपाल (डीएनएन)। शिवराज सरकार में अपराधों में कमी के बजाए और वृद्धि ही होती जा रही है। सरकार में बैठे गृहमंत्री इन अपराधिक आंकड़ों को जनप्रतिनिधि को बताने में हेराफेरी ही करते हैं। कांग्रेस विधायक पांची लाल मेड़ा ने जब भी विधानसभा में आंकड़े पूछे तो उन्हें सही आंकड़े नहीं मिल पाए हैं। एक सौ बीस दिन के आपराधिक आंकड़े दबाकर शायद विधानसभा को भूल-भूलैया में रखा गया। प्रदेश में ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब किसी शहर में कोई बलात्कार न हो। चोरी-लूट की घटना न हो अथवा अपहरण न हो। इन घटनाओं के आंकड़े राज्य के पुलिस मुख्यालय द्वारा अपडेट रखे जाते हैं।
जब भी विधानसभा सत्र होता है, प्रमुख विपक्षी दल कानून व्यवस्था को लेकर शिव राज सरकार को कटघरे में खड़ा करता है। कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा कानून व्यवस्था के मुद्दे पर शिवराज सरकार को सदन में घेरते रहे हैं। उनके प्रश्नों में आपराधिक घटनाओं के आंकड़े ही पूछे जाते रहे हैं।
पांचीलाल मेड़ा ने पिछले विधानसभा (बजट सत्र) सत्र में 9 मार्च 2010 को गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता से प्रश्न किया था कि 16 जून 2009 से 25 फरवरी 2010 की स्थिति में प्रदेश में कौन-कौन से अपराध कितनी कितनी संख्या में किस-किस जिले में पंजीबद्ध किए गए। इसके जवाब में (अतारांकित प्रश्न क्र. 840) में गृह मंत्री उमाशंकर ने 16 जून 2009 से 25 जून फरवरी 2010 की अवधि के आंकड़े देते हुए बताया कि प्रदेश में 1473 हत्या, 1413 हत्या के प्रयास, 88 डकैती, 103 डकैती के तैयारी, 1475 लूट, 1876 बलात्कार, 1765 बलवा, 15023 चोरी, 7055 नकबजनी, 718 अपहरण तथा 103030 अन्य भादवि की घटनाएं पंजीबद्ध की गई हैं। विधायक पांचीलाल मेड़ा ने 19 जुलाई 2010 (मानसून सत्र) में पुन: प्रदेश में घटित अपराधों के संबंध में प्रश्न किया। उन्होंने गृह मंत्री से जानना चाहा कि 15 फरवरी 2010 से 15 जून 2010 की स्थिति में प्रदेश में कौन-कौन से अपराध कितनी-कितनी संख्या में किस-किस जिले में पंजीबद्ध किए गए।
इस पर गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने श्री मेड़ा के अतारांकित प्रश्न क्र. 590 के जवाब में वही आकड़े दे दिए, जो कि उन्होंने 16 जून 2009 से 15 फरवरी 2010 की अवधि में दिए थे। अर्थात 120 दिन में (16 फरवरी से 15 जून) कितने अपराध किस-किस तरह के हुए जानकारी नहीं दी गई। हालांकि पांचीलाल मेड़ा ने 15 फरवरी 2010 से 15 जून 2010 (मात्र चार माह) के ही आंकड़े अपने प्रश्न में पूछे थे, फिर गृह मंत्री ने पुराने आंकड़े देकर केवल विधायक ही नहीं विधानसभा को भी गुमराह किया है।
Rate this article



del.icio.us
Digg