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रंगशाला

कहानी : हनीमून

न कोई घटना घटी, न कोई हादसा। कोई रोमांस भी नहीं। आप कहेंगे यह कौन सी कहानी हुई। पर आगे सुन तो लीजिए... लहरें बार-बार
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कविता : उजाले चाहते हैं

अंधेरों में उजाले चाहते हैंपेट भूखे निवाले चाहते हैं।प्यास से छटपटाती रूह तन्हासाथ के  पीने वाले चाहते हैं।सर्द रातों के  झेलते नश्तरगर्म मोटे दुशाले चाहते ...
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कविता : दो

आऊंगा एक  बार फिर तेरे हुजूर में। बरबादियां अभी तो हैं मेरे सुरूर में। जब तक  नहीं रुकेंगे आवारा से मंसूबे ठहरी रहेंगी मंजिलें ...
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कविता : मैं शिखर पर हूँ

घाटियों में खोजिए मतमैं शिखर पर हूँधुएँ की पगडंडियों कोबहुत पीछे छोड़ आया हूँरोशनी के राजपथ परगीत का रथ मोड़ आया हूँमैं नहीं भटकारहा चलता ...
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लघुकथा : अलग देश

ईरान में कौन रहते हैं?' 'ईरान में ईरानी कौम रहती है।' 'इंग्लैंड में कौन रहता है।' 'इंग्लैंड में अंग्रेज कौम रहती है।'फ्रांस में कौन रहता ...
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कमलेश भट्ट कमल की दो गजलें

एक कहीं ऐसा न हो पर दुख से कातर मैं भी हो जाऊंतुम्हारा सोचना तो है कि पत्थर मैं भी हो जाऊं ।न बुझ पाएगी ...
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लघुकथा : वर्षगांठ

अंगीठी के लिए कोयले तोड़ते-तोड़ते एक टुकड़ा पैर पर लगा। पिछले साल भी तो यही हुआ था। वर्षगांठ के दिन ही चोट लगी थी। उसे ...
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मीडिया ने हिंदी को क्या दिया : अशोक वाजपेयी

अंग्रेजी को सत्ता की भाषा और युवाओं को हिन्दी की शब्द संपदा से अपरिचित बताते हुए वरिष्ठ कवि अशोक वाजपेयी ने कहा है कि हिन्दी ...
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लोग किताबें क्यों पढ़ते हैं

लीस जेनोवा अमेरिकी अभिनेत्री हैं। वह हॉर्वर्ड में न्यूरो साइंस में पीएचडी कर रही हैं। अपनी दादी से उन्हें बेहद प्यार है। लेकिन दादी अल्जाइमर्स ...
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कहानी : अफवाह की आंच

फजल इमाम मलिकअफवाहों के पर नहीं होते लेकिन जब वह फैलती है तो यह कहा जा सकता है कि वह रोके नहीं रुकती। वह फैलती ...
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