Welcome to Bichhu.com: फलसफा शिखा का महत्व ================================================================================ bichhu on 02 July, 2010 10:36:00 शिखा को हिंदू धर्म का एक उपलक्षण माना गया है। प्रकृति और विज्ञान के नियमों को ध्यान में रखकर शिखा शास्त्र तैयार किया गया है। भक्ति का अमृत पिलाने वाले चैतन्य ================================================================================ bichhu on 02 July, 2010 10:34:00 प्रेम पुरुष भगवान चैतन्य महाप्रभु करुणा के समुद्र थे। उनके जीवन दर्शन को समझे बगैर प्रेम तत्व को जानना असंभव है। उन्होंने संकीर्तन के माध्यम पंचतत्वों को शुद्ध करते हैं मंत्र ================================================================================ bichhu on 02 July, 2010 10:35:00 मंत्र की महिमा है कि इससे एक दिव्य भाव उत्पन्न होता है। मंत्र मन की शांति के लिए है। इसके चमत्कार को महसूस कीजिए। मंत्रजाप कर्म की किताब रखो साफ ================================================================================ bichhu on 18 June, 2010 10:39:00 सनातन धर्म भाग्यवादियों का धर्म नहीं है। वेद, उपनिषद और गीता तीनों ही कर्म को कर्तव्य मानते हुए इसके महत्व को बताते हैं। यही पुरुषार्थ शिव है धर्म का मूल : सत्यम, शिवम और सुंदरम ================================================================================ bichhu on 18 June, 2010 10:40:00 ओम नम: शिवाय।- ओम प्रथम नाम परमात्मा का फिर नमन शिव को करते हैं। सत्यम, शिवम और सुंदरम जो सत्य है वह ब्रह्म है। ब्रह्म दान का महत्व ================================================================================ bichhu on 18 June, 2010 10:41:00 कर्तव्यों का विशद विवेचन धर्मसूत्रों तथा स्मृतिग्रंथों में मिलता है। वेद, पुराण, गीता और स्मृतियों में उल्लेखित चार पुरुषार्थ- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को आस्था का स्वाद ================================================================================ bichhu on 27 May, 2010 09:53:00 हम सभी ईश्वर के अस्तित्व को मानते हैं- कोई मूर्ति के रूप में तो कोई निराकार ब्रह्मा में आस्था रखता है, लेकिन हम में से कितनों ने ईश्वर को देखा है? शायद किसी ने नहीं और इसी आधार पर कई लोग ईश्वर के अस्तित्व को ही नकार देते हैं। सदियों से तुम्हें झूठे विश्वास बेचे गए हैं : ओशो ================================================================================ bichhu on 27 May, 2010 09:50:00 मुझे तुम्हारी आंतरिक सत्ता के विकास पर कार्य करना होता है। दोनों एक ही प्रक्रिया के अंग हैं कैसे तुम्हें एक समग्र व्यक्ति बनाया जाए, उस सारी निस्सारता को, जो तुम्हें समग्र बनने से रोक रही है, कैसे नष्ट किया जाए। नास्तिक धर्म और दर्शन, कोई नहीं जीवन ही है प्रभु ================================================================================ bichhu on 27 May, 2010 09:52:00 दुनिया के प्रमुख नास्तिक दर्शन या धर्म में चार्वाक, जैन और बौद्ध का प्रमुख स्थान और महत्व है। सभी तरह की नास्तिक विचारधारा का उद्गम यही तीन धर्म हैं। नास्तिक कहने से यह आभासीत होता है कि ये धर्म ईश्वर को नहीं मानते हैं, जबकि चार्वाक को छोड़ दें तो बाकी दोनों धर्म का दृष्टिकोण इस संबंध में बिलकुल अलग है। यज्ञ कर्मविज्ञान है कर्मकांड नहीं ================================================================================ bichhu on 06 May, 2010 12:09:00 वेदानुसार यज्ञ पाँच प्रकार के होते हैं- (1) ब्रह्मयज्ञ (2) देवयज्ञ (3) पितृयज्ञ (4) वैश्वदेव यज्ञ (5) अतिथि यज्ञ। उक्त पाँच यज्ञों को पुराणों और परमेश्वर नहीं है देवी और देवता ================================================================================ bichhu on 06 May, 2010 12:11:00 ऐसी मान्यता है कि हिंदू देवी-देवताओं की संख्या 33 या 36 करोड़ है। ऐसी मान्यता किस आधार पर है यह तो नहीं मालूम, लेकिन वेद हिंदू संत धारा को जानें ================================================================================ bichhu on 06 May, 2010 12:12:00 वर्तमान दौर में अधिकतर नकली और ढोंगी संतों और कथा वाचकों की फौज खड़ी हो गई है और हिंदुजन भी हर किसी को अपना गुरु कल्पतरू कुछ होने का मतलब ================================================================================ bichhu on 19 April, 2010 12:17:00 राजा डेविड बचपन में अपने पिता की भेड़ों की रखवाली किया करते थे। इसी सिलसिले में इधर-उधर घूमते हुए उन्हें पेड़ों की शाखाओं पर मकड़ी