आस्था और विश्वास का आपसी संबंध बड़ा गहरा है। दोनों के बीच एक सूक्ष्म दीवार होती है जो इनमें अंतर को चिह्नित करता है जिसे
ईश्वर तो आपके भीतर ही है। बस, आपको अपने अंतस पर ध्यान केंद्रित करना है। भगवान के करीब पहुंचना-यही आपके जीवन का अंतिम ध्येय होना ...
करनाल के मैदान में मोहम्मद शाह की सेना नादिरशाह के हाथों पराजित हो चुकी थी। विजयी नादिरशाह दिल्ली पहुंचा तो उसका भव्य स्वागत किया गया। ...
जब से मनुष्य ने होश संभाला है तभी से उसमें पाप-पुण्य, भलाई-बुराई, नैतिक-अनैतिक पर मंथन करते आध्यात्मिक विचार मौजूद हैं। सारे धर्म और हर क्षेत्र ...
महाराज युधिष्ठिर का राजसूय यज्ञ समाप्त होने पर एक अद्भुत नेवला, जिसका आधा शरीर सुनहरा था, यज्ञ भूमि में लोट-पोट होने लगा । वह रुदन ...
ईश्वर क्या है, लगातार मिलने वाला, हमेशा नया दिखने वाला आनंद। मनुष्य जब तक अपनी बुरी सोच से बरी नहीं हो जाता, तब तक वह ...
हम सब का कोई न कोई रोल मॉडल या नायक अवश्य होता है जो हमारे जीवन की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ...
हम सभी जीवन मार्ग पर आरूढ़ हैं, परंतु जीने की कला कम लोग ही जानते हैं। ऋग्वेद के एक मंत्र का अंश इसी प्रकार है। ...
टिक... टिक... टिक... घड़ी फिर से चलनी शुरू हो गयी है। वह अपने में तो चलती ही थी, मेरे लिये बंद हो गई थी या ...
दुर्गा सप्तशती का एक ऐतिहासिक फंक्शन यह रहा कि उसने स्त्री को पांवों की जूती, मलिन और इस धरती की कोई पार्थिव वस्तु समझने की ...