इंक्रीमेंट को लेकर कयासबाजी शुरू
दैनिक भास्कर, नईदुनिया सहित कई बड़े संस्थानों ने मध्यप्रदेश में पिछले साल इंक्रीमेंट नहीं लगाए थे। कारण मंदी को बताया गया था। इसके चलते कई लोगों ने इन संस्थानों को छोड़ दिया था, लेकिन इस बार अब तक प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कहा जा रहा है इंक्रीमेंट अच्छा होगा। कहीं-कहीं दस से 20 प्रतिशत इंक्रीमेंट की सूचनाएं भी मार्केट में हैं। खैर, अगला महीना बताएगा कि किस संस्थान में किस स्तर पर इंक्रीमेंट लगाया जाता है। उसके बाद कई लोग इधर से उधर भी होंगे क्योंकि वे फिलहाल अपने इंक्रीमेंट जानने को उत्सुक है और इसी वजह से अपने-अपने संस्थानों में दुबके बैठे हैं।
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