मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अफसर डिप्रेशन (अवसाद) से बाहर निकलें और मेहनत तथा ईमानदारी से प्रदेश के विकास कार्य
जब शिवराज की अपनी ही गौशाला में इतने महानंदी (बिगबुल्स) हों तो उन्हें बाहर ताकने की जरूरत नहीं है। जनता को बेवकूफ बनाने की बजाय ...
लोग नोटों का उपयोग करते हैं, बचाते हैं, छुपाते हैं, मगर उनकी नजर 'सत्यमेव जयते' पर नहीं जाती। झूठ की तात्कालिक विजय इतनी असरकारक होती ...
वृहद स्तर पर अध्ययन करने पर ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री अपने गणों और निकटस्थों के बीच पाखण्डी के रूप में उभर रहे हैं। वे ...
इतनी रफ्तार हैआज की हवाओं मेंहर पत्थरपड़ा है सिजदे मेंऔरचट्टानों नेअपनी-अपनी जगह छोड़ दी हैपुराने दरख्त खामोश हैंनये पेड़ों कीटहनियों की छांवआधी अधूरी हैकोई एक ...
आओ मप्र बनाएं अभियान का जो श्रीगणेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है। लेकिन जब हर योजना का सरकारीकरण हो जाना ...
भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश नारायण सारंग के अमृत महोत्सव ने बता दिया है कि यह पार्टी अतीत से कोई सबक नहीं लेगी। जिस इंडिया ...
मैंने पिछली मर्तबा मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के लिए गेली ग्यारस शब्द का प्रयोग किया। लगभग समाज के सभी वर्गों ने इस शब्द पर ...
हां मैं देखता हूं... दिखवाता हूं... करते हैं... हो रहा है... इन रटे-रटाए जुमलों से प्रदेश की तस्वीर नहीं बदल जाएगी। आत्म मुग्धता से "साधना" ...
पिछले दिनों मैं शिवराज सिंह का एक निजी चैनल पर इंटरव्यू देख रहा था। वे पालतू तोते की तरह कह रहे थे हमारा लक्ष्य समाज ...
इतिहास का कालचक्र अजीब ही है। काल परिस्थिति का दोहराव होता ही है। बस पात्र बदल जाते हैं। मध्यप्रदेश के एक मुख्यमंत्री हुआ करते थे ...