झारखंड में राष्ट्रपति शासन पर संसद की मुहर
नई दिल्ली। महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष के भारी हंगामे के बीच संसद ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के प्रस्ताव को गुरुवार को बिना चर्चा मंजूरी दे दी।
महंगाई के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्षी सदस्य हंगामा करते हुए आसन के सामने आ गए जबकि राज्यसभा में भी सदस्यों ने लगातार नारेबाजी की। शोरशराबे के बीच दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के प्रस्ताव को बिना चर्चा के मंजूर करा लिया।
राज्यसभा में गृह राज्यमंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने यह प्रस्ताव पेश किया जबकि लोकसभा में गृह राज्यमंत्री अजय माकन ने इसे पेश किया। झारखंड में इस साल एक जून से राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के इस्तीफे के बाद कांग्रेस और भाजपा ने राज्य में सरकार बनाने के प्रयास छोड़ दिए थे।
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