पूरा मध्यप्रदेश ही खनिज माफिया के कब्जे में है। कर्नाटक की तर्ज पर भाजपा के नेताओं ने अपने भाई-भतीजों को ही रेड्डी बंधु बनाने की जुगत लगाई है। बात होशंगाबाद की हो, सतना की हो या ग्वालियर का, हर ओर अवैध खनन जोरों पर है। सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, नियम-कायदे और नैतिकता इस खनिज माफिया के लिए इनके मायने सिर्फ पैसे हैं। न तो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन हुआ और न ही सरकार ने ही कभी गंभीरता से इसका क्रियान्वयन कराया। बिना नंबर के वाहनों से अवैध खनन का परिवहन बेरोक-टोक किया जा रहा है। एक डंपर ने होशंगाबाद में दो लोगों की जान ली तो पता चला कि मुख्यमंत्री के भतीजे का वह डंपर बिना रजिस्ट्रेशन ही सड़कों पर लोगों की जान ले रहा था।