एनजीओ पर मेहरबानी का राज
राज्य मंत्रालय में पदस्थ सचिव स्तर के एक अफसर इन दिनों अपने एनजीओ-प्रेम को लेकर चर्चा में है। लोग जानना चाह रहे हैं कि आखिर ये साहब एनजीओ पर इतने मेहरबान क्यों हैं? नारद मुनियों ने पता किया तो इस राज का पर्दाफाश हो गया। पता चला है कि साहब सिर्फ उन एनजीओ पर ही मेहरबान होते हैं, जिनकी कर्ता-धर्ता खूबसूरत महिलाएं या लड़कियां होती हैं। साहब ऐसे एनजीओ के लिए प्रस्ताव, कार्ययोजना बनाने और उन्हें केंद्र सरकार को भेजने में भी अपनी ऊर्जा खर्च करते हैं। बाद में एनजीओ की कर्ता-धर्ताओं से 'मेहनताना' वसूल करते हैं। कई बार ये इन एनजीओ बालाओं के साथ राजधानी की बड़ी होटलों में भी देखे गए हैं। पाठकों की सुविधा के लिए बता दें कि ये सचिव कोटे वाले हैं।
Rate this article



del.icio.us
Digg