गुरु के आगे फेल विरोधी
इंदौर कुलपति अजीतसिंह सेहरावत को हटाने और धारा-52 लगाने की चर्चाएं लगातार चल रही है, लेकिन कुलपति महोदय बेफिक्र हैं। पूर्व राज्यपाल बलराम जाखड़ ने कुलपति की नियुक्ति की थी, इसलिए बाद में नए राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर से इनकी पटरी नहीं बैठी। बताते हैं कि जब सारी हवाएं कुलपति के विरुद्ध रही, तो उनका नया दांव काम कर गया है। दरअसल, कुलपति ने पढ़ाई के समय रामेश्वर ठाकुर के अधीन कोई प्रोजेक्ट पूरा किया था। बस कुलपति ने यही दांव खेल दिया। दिल्ली यात्रा के दौरान महामहिम को याद दिलाया कि आप तो मेरे गुरु हैं, बस तब से अब तक विरोधियों के दांव उलटे पड़ रहे हैं। कुलपति मजे कर रहे हैं और विरोधी गुरु की काट ढूंढने में लगे हैं।
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