भतीजों की उधेड़बुन...!
कांग्रेस माने बैठी थी कि मध्यप्रदेश में सत्ता में उसकी वापसी हो जायेगी। लेकिन हुआ इसके उलट। पुन: विपक्ष मिला और नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी एक बार फिर जमुना देवी हथिया ले गईं। लीडर ऑफ अपोजीशन की हैसियत से उनका पिछला कार्यकाल बेहद सफल रहा था, मगर इस बार पिछली बार सी धार नजऱ नहीं आ रही है। प्रतिपक्ष साफ तौर पर कई भागों में विभक्त है, लिहाजा बात और बिगड़ गई है। दरअसल कई भतीजे बुआ जी की कुर्सी पर गिद्ध निगाहें गढ़ाये बैठे हैं। हाल ही में बुआ बीमार पड़ी, कुछ देर के लिए वे अस्पताल में भरती हुई तो भतीजे 'सक्रिय' हो गये। बुआ ने आनन-फानन में सफाई दी कि पंचायत चुनावों में एग्जरशन की वजह से रेग्यूलर चैकअप के लिए वो अस्पताल पहुंची थीं। ब्लड प्रेशर बढ़ा होने के कारण डॉक्टरों ने कुछ देर के लिए विश्राम की सलाह दी तो वे अस्पताल में रुक गईं। कुल मिलाकर बुआ खुद को फिट-फॉट दिखाने में जुटी हैं तो भतीजे उन्हें चूकी हुई नेता साबित करने पर आमादा हैं।
Rate this article



del.icio.us
Digg