वर्षा एवं ज्योतिष दृष्टि
मंगल का उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश किसी भी ऋतु का परिवर्तन आने वाले भविष्य को निर्धारित करता है। ब्रह्मांड की रचना के रचनाकार ने प्रत्येक जीव मात्र को गतिशील बनाया है। यहाँ तक कि ग्रहों की गति, ग्रहों का राशि एवं नक्षत्र पर गति द्वारा परिवर्तन उस रचनाकार की रचना है। इन्हीं गतियों से मौसम पर, ऋतु पर नाना प्रकार के प्रभाव पड़ते हैं। इस वर्ष गर्मी का प्रकोप इन्हीं ग्रहों के प्रभाव (गति) से हुआ। अप्रैल अंतिम सप्ताह पर दृष्टि डाले तो सूर्य बुध के साथ विराजमान था एवं शुक्र उससे आगे अत: कहीं-कहीं बूँदाबाँदी हुई। मई मध्य (20 मई) गुरु का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश उन्नावृष्टि को दर्शाता है अर्थात् उन्नावृष्टि होगी एवं अशांति व भय का वातावरण उत्पन्न करता है। मई अंत में बुध सूर्य के पीछे एवं शुक्र-केतु सूर्य के आगे हो गए। कहीं-कहीं हवा के तेज प्रभाव के साथ बूँदाबाँदी भी हुई। यह वर्षा का शुरुआती दौर रहा। इन्हीं दृष्टि को आगे डालें तो इस वर्ष बारिश अच्छी व समय पर होगी। जनसामान्य सुखी होगा। जून में सूर्य-बुध की युति रही एवं केतु आगे हो गया, परिणामस्वरूप मैदानी भागों में गर्मी का प्रकोप रहा। हरियाणा, पंजाब, मप्र, उप्र, छग में तेज बादल के साथ छुटपुट बारिश रही। परंतु 20 जून में भौम ने पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश किया, जिसके फलस्वरूप कम वर्षा का योग बनाया। लोगों को पीड़ा का एहसास कराया। जून मध्य, जुलाई प्रथम सप्ताह में सूर्य के साथ केतु एवं बुध स्थित रहा फिर शुक्र-बुध सूर्य के आगे होने से तेज हवा के साथ खंड वृष्टि कहीं-कहीं बूँदाबाँदी का प्रभाव दिखाई दिया।
इस पक्ष में मंगल (जुलाई मध्य) का उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करने के फलस्वरूप वर्षा सामान्य रहेगी। सूर्य के आगे बुध-शुक्र (की युति) होने से अधिकांश भागों में तेज वायु के साथ छुटपुट वर्षा होगी एवं कुछ भागों में पर्याप्त वर्षा होगी। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, बिहार, हरियाणा, आसाम, उड़ीसा, मध्यप्रदेश में व्यापक वर्षा होगी। कुछ भागों में साधारण वर्षा होने की संभावना है। अगस्त प्रथम सप्ताह से मध्य सप्ताह तक व्यापक वर्षा होगी तथा कई जगहों पर कम वर्षा महसूस होगी।
इस पक्ष में मंगल (जुलाई मध्य) का उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करने के फलस्वरूप वर्षा सामान्य रहेगी। सूर्य के आगे बुध-शुक्र (की युति) होने से अधिकांश भागों में तेज वायु के साथ छुटपुट वर्षा होगी एवं कुछ भागों में पर्याप्त वर्षा होगी। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, बिहार, हरियाणा, आसाम, उड़ीसा, मध्यप्रदेश में व्यापक वर्षा होगी। कुछ भागों में साधारण वर्षा होने की संभावना है। अगस्त प्रथम सप्ताह से मध्य सप्ताह तक व्यापक वर्षा होगी तथा कई जगहों पर कम वर्षा महसूस होगी।
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